चूना खाने के फायदे

lime image

चूना जो आप पान में खाते हैं, वही चूना सत्तर बीमारियों को ठीक कर सकता है…

मान लीजिये कि चूना अमृत है…
चूना एक टुकडा छोटे से मिट्टी के बर्तन मे डालकर पानी से भर दे, चूना गलकर नीचे और पानी ऊपर होगा।
वही एक चम्मच पानी किसी भी खाने की वस्तु के साथ लेना है।
50 के उम्र के बाद कोई कैल्शियम की दवा शरीर मे जल्दी नही घुलती चूना तुरन्त घुल व पच जाता है।

जैसे किसी को पीलिया हो जाये तो उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना, गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है।

यही चूना स्त्री का बांझपन एवं पुरुषों की नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है-
अगर किसी के शुक्राणु नही बनता उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे और
जिन महिलाओं के शरीर में अन्डे नही बनते उनकी बहुत अच्छी दवा है ये चूना।

विद्यार्थियों के लिए चूना बहुत अच्छा है जो लम्बाई बढाता है।

गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिला के खाना चाहिए, दही नही है तो दाल में मिला के खाओ, दाल नही है तो पानी में मिला के पियो, इससे लम्बाई बढने के साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छा होता है।

शरीर में गांठ को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है चूना, जानें इस्तेमाल का तरीका

शरीर में गांठ या रसौली बनने पर कई लोग इसे कैंसर समझने की गलती करते हैं। लेकिन यह दर्द रहित गांठ होती है, जो समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। हालांकि, इसका समय पर इलाज कराना जरूरी होता है ताकि गंभीर समस्याएं होने की संभावना को कम किया जा सकता है। इसके अलावा हमारे शरीर पर कुछ ऐसी गांठे भी होती हैं, जो बीमारियों या फिर चोट लगने की वजह से हो जाती हैं। इन गांठों को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे कई तरह की समस्याएं होने की संभावना होती है। कई लोग गांठ को ऑपरेशन के जरिए निकलवाते हैं। वहीं, पुराने समय में गांठ को कम या फिर पूरी तरह से खत्म करने के लिए चूने का इस्तेमाल किया जाता था। जी हां, चूने की मदद से गांठ को कम करने की कोशिश की जाती है। यह काफी प्रभावी घरेलू उपाय है। आज भी कई क्षेत्रों में गांठ को कम करने के लिए चूने का इस्तेमाल होता है। आइए जानते हैं गांठ में चूने के फायदे क्या होते हैं?

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *